Search This Blog

68500 Vacancy News LT 9342 News Shikshamitra News
शीतलहर Holiday 72825 News 29334 News
UP Police Tet Notes Join Facebook Group
Teacher Jobs Transfer News Uptet 2018
Home 68500 Vacancy LT Grade
Teacher Jobs Shikshamitra

शिमला: शिक्षकों की भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रदेश में करीब 13 हजार पैट, पीटीए और पैरा अध्यापकों के भविष्य पर संकट, पीटीए शिक्षकों को सुप्रीमकोर्ट से राहत

शिमला: शिक्षकों की भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, प्रदेश में करीब 13 हजार पैट, पीटीए और पैरा अध्यापकों के भविष्य पर संकट, पीटीए शिक्षकों को सुप्रीमकोर्ट से राहत

सुप्रीम कोर्ट ने हिमाचल सरकार को भविष्य में शिक्षकों की भर्ती कमीशन के माध्यम से करने को कहा है। सोमवार को पैट शिक्षकों के मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को भविष्य में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाने को कहा। कोर्ट ने अस्थायी तौर पर शिक्षकों की भर्तियां करने पर रोक लगा दी है।

साथ ही आदेश दिए कि सरकार भविष्य में आरएंडपी नियमों को पूरा कर कमीशन के माध्यम से ही भर्तियां करे। सुप्रीम कोर्ट ने पंकज कुमार बनाम स्टेट केस में दायर एसएलपी को भी रिट पिटीशन में बदल दिया है। अब इस मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में प्राथमिकता के आधार पर होगी। पंकज कुमार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण कर रहे हैं।
प्रदेश में करीब 13 हजार पैट, पीटीए और पैरा अध्यापकों के भविष्य पर संकट
कांग्रेस सरकार के पूर्व कार्यकाल में पीटीए शिक्षकों की हिमाचल में नियुक्तियां र्हुइं थीं। सरकार बदलने के बाद भर्तियों के इन मामलों पर जांच बैठाई गई। इस मामले में करीब एक हजार पीटीए शिक्षकों की नौकरी भी चली गई थी। कांग्रेस सरकार ने दोबारा सत्ता में आने पर पीटीए शिक्षकों को बहाल किया था।
इन शिक्षकों को अनुबंध पर लाकर नियमित करने की नीति भी तैयार की गई, लेकिन मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई। बीते दो साल से यह मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। बता दें प्रदेश में करीब 13 हजार पैट, पीटीए और पैरा अध्यापक हैं। सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला आने के बाद इन शिक्षकों के भविष्य पर भी संकट खड़ा हो गया।
 धर्मशाला : सुप्रीमकोर्ट ने हिमाचल के हजारों शिक्षकों को राहत प्रदान की है। सर्वोच्च न्यायालय ने यथास्थिति के आदेश को हटा दिया है। न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल और न्यायाधीश उदय उमेश ललित की खंडपीठ ने पंकज बनाम हिमाचल प्रदेश सरकार की एसएलपी नंबर 1426/2015 की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से की गई अपील को स्वीकार करते हुए लीव ग्रांट करने के आदेश के साथ-साथ यह भी आदेश दिया है कि हिमाचल सरकार भविष्य में नई भर्तियां करने के लिए स्वतंत्र है। साथ ही कहा कि भविष्य में भर्ती प्रक्रिया में सभी को समान अवसर देने के साथ-साथ पूर्णतया पारदर्शिता होनी चाहिए।1मामले की पैरवी कर रहे अधिवक्ता केके वेणुगोपाल और अधिवक्ता विनोद शर्मा ने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश आदर्श कुमार गोयल और न्यायाधीश उदय उमेश ललित की खंडपीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई के बाद मंगलवार को आदेश पर हस्ताक्षर किए। सुप्रीमकोर्ट के समक्ष दलील रखी कि उक्त शिक्षक उच्च शिक्षित हैं और भर्ती और पदोन्नति के मापदंडों को पूरा करते हैं और उचित प्रक्रिया और पारदर्शिता को अमल में लाया गया था। इस पर सहमति जताते हुए सुप्रीमकोर्ट ने 22 जनवरी 2015 को यथास्थिति का जो आदेश पारित किया था उसे ह टा दिया।1याचिकाकर्ता ने हिमाचल उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी कि हिमाचल सरकार स्टेट पब्लिक सर्विस कमीशन और भर्ती और पदोन्नति नियमों को दरकिनार कर 2001 से हिमाचल प्रदेश ग्रामीण विद्या उपासक योजना 2001, प्राथमिक सहायक अध्यापक (पैट) 2003, पैरा टीचर 2003 और पीटीए पॉलिसी 2006 के तहत स्कूल में अध्यापकों की भर्तियां कर रही है जो भर्ती एवं पदोन्नति नियम के खिलाफ है। न्यायालय के सिंगल बैंच ने अक्टूबर 2012 को आदेश दिया था कि ये भर्तियां आरएमपी नियमों के तहत नहीं हुई हैं। सरकार ने इन अध्यापकों के संघों ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय के डबल बैंच में अपील दायर की जिसकी सुनवाई करते हुए दिसंबर 2014 को सरकार और अध्यापक संघों की बात को सही ठहराते हुए सिंगल बैंच के निर्णय को निरस्त कर दिया। इस फैसले के विरुद्ध पंकज ने याचिका दायर की थी।


सरकारी नौकरी चाहिए नौकरीपाओ.कॉम पर जाओ यहाँ क्लिक करो

Please Join Facebook Group

No comments:

Post a Comment