22 फरवरी को टेट मेरिट ,एकेडमिक मेरिट और शिक्षामित्र समायोजन पर पूरा दिन सुनवाई होगी

22 फरवरी को टेट मेरिट ,एकेडमिक मेरिट और शिक्षामित्र समायोजन पर पूरा दिन सुनवाई होगी

राहुल विशेष का सभी को नमस्कार,

आज माननीय सुप्रीम कोर्ट में एकेडमिक भर्ती कि सुनवाई हुई ।
केस को 22 फरवरी वाले शिवकुमार पाठक में टैग कर दिया है।
अब 22 फरवरी को टेट मेरिट ,एकेडमिक मेरिट और शिक्षामित्र 
समायोजन पे पूरा दिन सुनवाई होगी ।
आज जज महोदय ने साफ तौर पे किसी को भी कोई भी अंतरिम राहत देने से मना कर दिया और कहा क़ि अब इन केसों का फाइनल निर्णय दूँगा।
आज कि सुनवाई के बाद उन लोगो को सदमा लगा होगा जो केस को और लंबा खींचना चाहते थे जिससे उनको चंदा और चंदा देने वालों को वेतन मिलता रहे।
आज उन झोलाछाप विधिक शिक्षामित्रो को सदमा लगा होगा जो रोज एकेडमिक भर्ती रद्द होने का दिवा स्वप्न देखा करते है।
आज जज महोदय ने टेट वाले याचियों को भी झटका दिया और किसी को भी याची राहत देने से इंकार किया ।
अब टेट मोर्चा के महा विधिक ज्ञानी जो 2011 टेट प्ररीक्षा पास करने के बाद खुद को विश्व के सबसे योग्य प्राणी समझने लगे थे उनकी हवा ढीली हो गयी है आज।क्योकि आज तक केवल कोर्ट को यही बताते फिरते थे कि मयलॉर्ड हम 2 लाख लोग टेट पास किये है सरकार हमे नियुकित नहीं कर रही है।आज उनकी पोल खुल गयी कि प्रदेश में और भी योग्य बच्चे है ।
जो साथी आज भी मानवीय पहलू पे केस जिताया करते है उनकी जानकारी के लिए बता दे कि इस केस में इसका कोई महत्व नहीं है क्योंकि प्रदेश में सबका विकल्प तैयार है वो चाहे टेट भर्ती हो ,एकेडमिक हो या फिर शिक्षामित्र समायोजन।
अगर जो भी भर्ती रद्द होगी तो उससे जाएदा बच्चो कि फ़ौज तैयार है।
इसलिये अभी भी जो हवा में है जमीन में उतर आये ।संख्या ,मानवीय पहलू आदि का कोई असर नहीं होगा और 22 को बहस मुख्यता मेरिट पे होगी ।जो अपनी बात कानून के हिसाब से कह ले जायेगा वो केस जीत जायेगा नहीं फिर घर वापसी होना तय है।
इसलिए जिसपे आपको विश्वास हो उसको सहयोग करे और उससे कहे बेहतर वकील करे बेहतर तैयारी के साथ ना कि पिछली बार कि तरह क़ि साल्वे जी को बहस दूसरे कि IA पे करनी पड़ी और ब्रीफिंग कोर्ट में ही उनकी हुई।
इसलिये वकील अतिशीघ्र फाइनल करके ये तय कर ले कि मेरा वकील किस slp या IA पे बहस करेगा क्योकि सुप्रीम कोर्ट में सीनियर वकील केवल एक slp या IA पे ही बोल सकता है ना कि सभी पे।
अपने दिमागी भृम को निकाल दे कि 22 को फिर नयी डेट मिल जायेगी और फिर कुछ महीने वेतन का आनंद मिलता रहेगा ।
जब 22 को मिश्रा जी कि बेंच में अन्य केस नहीं लगेगा तो जज महोदय पूरा दिन बैठ के चाय तो पिएंगे  नहीं।
हा अंतिम बात सुप्रीम कोर्ट का एक और नियम होता है ।वो सबको बोलने का मौका देता है जिससे कोई ये ना कह सके मुझे नहीं सुना गया किन्तु आपकी बात वकील बोलेगा ,इसके लिए आपको वकील करना होगा जो कोर्ट मे आपकी बात कह सके ना कि सोसल मिडिया पे ही हाइकोर्ट कि तरह बहस करे।
धन्यवाद।।