Search Post


Download Uptetnews App

Please Like Our Facebook Page

Follow Us on Twitter

शिक्षकों की नियुक्ति पर बीएसए मौन, 580 अभ्यर्थियों की जानकारी नहीं दे रहे 21 जिलों के बीएसए

शिक्षकों की नियुक्ति पर बीएसए मौन, 580 अभ्यर्थियों की जानकारी नहीं दे रहे 21 जिलों के बीएसए

इलाहाबाद : बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में नियुक्ति देने से पहले ही बीएसए मौन साधे हैं। परिषद की ओर से अर्ह पाए गए अभ्यर्थियों के संबंध में जानकारी भेजने में आनाकानी हो रही है। यही वजह है कि प्रदेश के 21 जिलों के बीएसए को अनुस्मारक भेजा गया है। उनसे चार सवालों का जवाब मांगा गया है, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो। 1परिषदीय विद्यालयों में नियुक्ति पाने के लिए सारे जतन किए जा रहे हैं। शीर्ष कोर्ट के सात 
दिसंबर, 2015 के निर्देश पर 1100 याचियों में से 862 की नियुक्ति हो चुकी है। इसके बाद कोर्ट ने 24 फरवरी, 24 अगस्त एवं 17 नवंबर 2016 को भी कई निर्देश हुए हैं, लेकिन उसका अनुपालन अभी अधूरा है। असल में याचियों को नियुक्ति मिलने पर युवाओं के याची बनने की संख्या 68015 तक पहुंच गई है। इस सूची की छानबीन के बाद राज्य शैक्षिक अनुसंधान प्रशिक्षण परिषद एससीईआरटी लखनऊ ने सिर्फ 580 अभ्यर्थियों को ही सही माना है, बाकी सूची लगभग खारिज की जा रही है, हालांकि उस पर शीर्ष कोर्ट का अनुमोदन जरूरी होगा। इस मामले की 22 फरवरी को शीर्ष कोर्ट में सुनवाई होनी है। ऐसे में परिषद 580 अभ्यर्थियों की सारी सूचनाएं इकट्ठा कर रहा है। 1एससीईआरटी के निदेशक डॉ. सर्वेद्र विक्रम बहादुर सिंह ने बीते 27 जनवरी को सभी जिलों से अभ्यर्थियों के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन 21 जिलों के बीएसए ने या तो जवाब ही नहीं दिया या फिर उनकी सूचना त्रुटिपूर्ण रही है। ऐसे में निदेशक ने उन जिलों को अनुस्मारक भेजा है। उनसे चार सवालों का जवाब मांगा गया है। अभ्यर्थी द्वारा आवेदन किया गया या नहीं, आवेदन की दशा में अभ्यर्थी काउंसिलिंग में उपस्थित हुआ या नहीं, काउंसिलिंग में उपस्थित होने के बाद अभ्यर्थी का चयन हुआ या नहीं, अभ्यर्थी का अभ्यर्थन निर्धारित मानक पूर्ण न करने के कारण निरस्त किया गया हो। निदेशक ने बीएसए को यह भी निर्देश दिया है कि केवल उन्हीं अभ्यर्थियों की सूचना उपलब्ध कराए जिनके द्वारा संबंधित जिले में आवेदन किया गया हो। इसके लिए सभी जिलों को प्रोफार्मा भेजा गया है। उसी पर भरकर सूचनाएं भेजना है। उधर, टेट मोर्चा के शिवकुमार पाठक का कहना है कि शीर्ष कोर्ट ने याचियों की नियुक्ति के लिए चार बार आदेश पारित किया है, लेकिन सरकार उस पर गंभीर नहीं है।
टेक्निकल संबंधी न्यूज़ जानने के लिए इस लिंक को क्लिक करें